नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी ने 23 महीने बाद विजय नायर को मिली जमानत को सत्य की विजय बताया है। ‘‘आप’’ का कहना है कि धीरे-धीरे भाजपा की पूरी साज़िश धराशायी हो रही है। सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। भारतीय जनता पार्टी और उसकी केंद्र सरकार ने हमारे नेताओं के खिलाफ साज़िश रची और उन्हें फ़र्ज़ी मामले लगाकर जेल में डाल दिया। लेकिन अब भाजपा की साज़िशों का लगातार खुलासा हो रहा है। पहले सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को जमानत दी और अब विजय नायर को जमानत दी है। अब मोदी सरकार के तमाम षड्यंत्रों को ध्वस्त करके जल्द ही अरविंद केजरीवाल भी बाहर आएंगे।
विजय नायर को जमानत मिलने पर ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक्स पर कहा कि भाजपा के मनगढ़ंत शराब घोटाले की कहानी का एक और ग़ुबारा आज फूट गया। बिना सबूत, बिना कोई बरामदगी हुए विजय नायर को 23 महीने जेल में रखा। इनका मक़सद सिर्फ़ एक है कि अरविंद केजरीवाल को चुनावों में नहीं रोक सकते तो उनकी पूरी टीम और उन्हें ईडी-सीबीआई से गिरफ्तार करवाकर जेल में रखो। देर लग सकती है लेकिन अंत में जीत तो सत्य को ही होती है
‘‘आप’’ के राष्ट्रीय महासचिव संगठन एवं सांसद डॉ. संदीप पाठक ने ट्वीट कर कहा कि भाजपा के मनगढ़ंत शराब घोटाले का एक और भंडाफोड़ हुआ है। विजय नायर को 23 महीने बिना सबूत जेल में क्यों रखा गया? सिर्फ केजरीवाल को रोकने के लिए?
‘‘आप’’ की वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री आतिशी ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ षड़यंत्र रचा और पार्टी के अनेकों नेताओं को जेल में डाला। लेकिन मनीष सिसोदिया और विजय नायर को ज़मानत मिलने के बाद यह साबित हो जाता है कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं हो सकता।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ एवं कैबिनेट मंत्री नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ईडी मामले में पहले मनीष सिसोदिया को बेल मिली, फिर बीआरएस नेता के. कविता को बेल मिली और अब विजय नायर को भी सुप्रीम कोर्ट से बेल मिल गई है। यह पूरे देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और केंद्र सरकार और उसकी ईडी-सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों की बड़ी हार है, जो अब लगातार सुप्रीम कोर्ट और पूरे देश के सामने बेनकाब होते जा रहे हैं।
वहीं, “आप” के वरिष्ठ नेता जस्मीन शाह ने ट्वीट कर कहा कि आप के सभी नेताओं को झूठे मामलों में फंसाकर खत्म करने की भाजपा की साजिश हर दिन बेनकाब हो रही है। पहले मनीष सिसोदिया जी को और अब विजय नायर को भी ज़मानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे की शुरुआत में अनुचित देरी और अनुच्छेद 21 के तहत स्वतंत्रता के अधिकार पर टिप्पणी की है।