सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रत रॉय का निधन, मुंबई में ली आखिरी सांस

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मुंबई :-सहारा ग्रुप (Sahara Group) के संस्थापक, चेयरमेन और मशहूर बिजनेसमैन सुब्रत रॉय सहारा (Subrata Roy Sahara) का निधन हो गया है. उन्होंने मंगलवार देर रात 75 साल की उम्र में मुंबई के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली. सुब्रत रॉय काफी समय से गंभीर रूप से बीमार थे और उनका इलाज मुंबई के निजी अस्पताल में चल रहा था.

बताया गया हैं की सुब्रत रॉय का पार्थिव शरीर बुधवार (15 नवंबर) को लखनऊ के सहारा शहर लाया जायेगा. यहां उन्हें आखिरी विदाई दी जाएगी. उनके परिवार में पत्नी स्वप्ना रॉय और दो बेटे सुशांतो रॉय और सीमांतो रॉय हैं.

सुब्रत रॉय सहारा के निधन पर सहारा इंडिया परिवार ने जारी किया बयान :-

“सहारा इंडिया परिवार को अत्यंत दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि हमारे मैनेजिंग वर्कर और चेयरमैन ‘सहाराश्री’ सुब्रत रॉय सहारा का निधन हो गया है. सहाराश्री जी एक प्रेरणादायक और दूरदर्शी व्यक्तित्व थे. मेटास्टैटिक मैलिंगनैंसी, हाई ब्लड प्रेशर और शुगर की बीमारियों के साथ एक लंबी लड़ाई के बाद कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट के कारण 14 नवंबर 2023 को रात 10.30 बजे उनका निधन हो गया. स्वास्थ्य में गिरावट के बाद उन्हें 12 नवंबर 2023 को कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल और मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (केडीएएच) में भर्ती कराया गया था.

उनकी क्षति पूरे सहारा इंडिया परिवार को गहराई से महसूस होगी. सहाराश्री जी उन सभी के लिए एक मार्गदर्शक शक्ति, मार्गदर्शक और प्रेरणा के स्रोत थे, जिन्हें उनके साथ काम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था.

अंतिम संस्कार के संबंध में विवरण उचित समय पर सूचित किया जाएगा.

सहारा इंडिया परिवार सहाराश्री की विरासत को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. हम हमारे संगठन को आगे बढ़ाने में उनके दृष्टिकोण का सम्मान करना जारी रखेंगे.”

बिहार के अररिया में हुआ जन्म, गोरखपुर में शुरू किया कारोबार

सुब्रत रॉय ( Subrata Roy Sahara Birth place )का जन्म 10 जून, 1948 को बिहार के अररिया जिले में हुआ. कोलकाता में शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने गोरखपुर के एक सरकारी कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. सुब्रत रॉय ने अपना पहला कारोबार गोरखपुर से ही शुरू किया. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और मशहूर बिजनेसमैन तक का सफर तय किया, लेकिन अपनी जिंदगी के आखिरी पलों में कई सारे आरोप और मुकदमा से भी उन्हें झूझना पड़ा, उन्हें जेल जाना पड़ा, महीनों उन्हें जेल में रात गुजारनी पड़ी.