पदयात्रा के छठे दिन त्रिनगर पहुंचे मनीष सिसोदिया, कहा जल्द सीएम केजरीवाल बाहर आएंगे

News Sewa Desk

नई दिल्ली :-
‘‘मनीष सिसोदिया आ आए, केजरीवाल भी आएंगे’’ के नारे के साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की पदयात्रा छठें दिन दिल्ली के त्रिनगर विधानसभा पहुंची. यहां भी लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. इस दौरान त्रिनगर से ‘‘आप’’ विधायक प्रीति तोमर, पार्षद, वरिष्ठ नेता समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे.

इतिहास गवाह है, जब भी सत्ता में बैठे लोग किसी को गलत जेल भेजते हैं तो वो और मजबूत होकर बाहर आता है- मनीष सिसोदिया

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की पदयात्रा गुरुवार को त्रिनगर पहुंची। यहां शकरपुर स्थित पार्टी कार्यालय पर जनता से सीधा संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि मैं बहुत खुश किस्मत हूं कि मुझे आप सबकी आम आदमी पार्टी में काम करने का मौका मिला। मेरे लिए यह भी खुशी की बात है कि मुझे दिल्ली जैसे शहर में राजनीति करने का मौका मिला। मैं 17.5 महीने जेल में रहकर आया हूं। जब लोग जेल में गलत करके जाते हैं तो मुरझा कर आते हैं। लेकिन इतिहास गवाह है कि जब भी सत्ता में बैठे लोग किसी के साथ गलत करते हैं और उसे जेल में भेजते हैं, तो वो और मजबूत होकर बाहर आता है। आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों ने हमारे स्वतंत्रता सेनानियों पर बहुत जुल्म ढाए और उन्हें जेल में डाल दिया। लेकिन एक भी स्वतंत्रता सेनानी मुरझाया नहीं, बल्कि और मजबूती से बाहर आकर लड़ाई लड़ी और देश को आजाद करवाया।

लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई में मुझे जेल जाने का मौका मिला- मनीष सिसोदिया

मनीष सिसोदिया ने कहा कि आज जब लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई चल रही है, तो इस लड़ाई में मुझे जेल जाने का मौका मिला। जेल कोई अच्छी जगह नहीं है, लेकिन फिर भी मैं कहता हूं कि आप सबके प्यार की बदौलत मुझे जेल में एक दिन भी मायूसी नहीं हुई। क्योंकि मैंने कुछ गलत नहीं किया था और बाहर मेरे भाई-बहन मजबूती से लड़ रहे थे। यही मेरी ताकत थी। इसलिए मुझे मुरझाने की जरूरत नहीं थी। मैं और मजबूती से बाहर आया हूं। भाजपा वालों को लगता था कि वे मुझे 16-17 महीने जेल में रखेंगे, तो मैं टूट जाऊंगा और कमजोर होकर बाहर निकलूंगा। लेकिन मैं और मजबूत होकर आया हूं और मजबूती के साथ लड़ूंगा। अभी मैं बाहर आया हूं, जल्द ही अरविंद केजरीवाल भी हजार गुना हौंसले के साथ बाहर आएंगे।

दिल्ली-पंजाब के अलावा पूरे देश में कहीं भी बिजली मुफ्त नहीं है- मनीष सिसोदिया

मनीष सिसोदिया ने कहा कि उन्होंने मुझे जेल में डाल दिया, जबकि मैं दिल्ली के स्कूलों का निर्माण कर रहा था, शिक्षकों को विदेशों में प्रशिक्षण के लिए भेज रहा था, बच्चों के बीच जाता था, सरकारी स्कूलों को सुधार रहा था और प्राइवेट स्कूलों की फीस नहीं बढ़ने दे रहा था। अरविंद केजरीवाल के मार्गदर्शन में शिक्षा क्रांति के क्षेत्र में काम कर रहा था। मुख्यमंत्री केजरीवाल स्कूलों के साथ-साथ अस्पताल भी ठीक करवा रहे थे। लोगों के बिजली बिल जीरो करवा रहे थे। पूरे देश में दिल्ली और पंजाब के अलावा कहीं बिजली मुफ्त नहीं है। देशभर में बसों के टिकट महंगे हो रहे हैं, लेकिन हमने आते ही सारी महिलाओं के लिए बस की यात्रा मुफ्त कर दी। लेकिन भाजपा को लगा कि अगर अरविंद केजरीवाल इसी तरह काम करते रहे, तो उसकी जुमले की राजनीति बंद हो जाएगी और लोग जुमलों पर भरोसा नहीं करेंगे। इसलिए उसने केजरीवाल को जेल में भेजने की साजिश रची।

पिछले एक साल में भाजपा ने दिल्ली वालों को खूब परेशान किया है- मनीष सिसोदिया

मनीष सिसोदिया ने कहा कि आप सब लोग गवाह हैं कि जब अरविंद केजरीवाल बाहर थे तो भाजपा जिस काम को भी रोकने की कोशिश करती थी, केजरीवाल लड़-लड़कर उसे करवाते थे। लेकिन आज अरविंद केजरीवाल के आठ साल के काम और पिछले एक साल की लड़ाई की तुलना की जाए, तो भाजपा ने दिल्ली वालों को खूब परेशान किया है। मुझे जेल में डाल दिया, इसका मुझे कोई गम नहीं है। अरविंद केजरीवाल को जेल भेज दिया, उन्हें भी इस बात का कोई गम नहीं है। जेल के अंदर से केजरीवाल संदेश भेजते हैं कि मुझे इस बात का गम है कि दिल्ली के लोगों के काम रुकवाने के लिए भाजपा एक के बाद एक साजिश कर रही है। जब तक केजरीवाल बाहर थे, उन्होंने दिल्ली का कोई काम नहीं रुकने दिया। लेकिन जब से उन्हें साजिश के तहत जेल में डाला गया है, लोग बता रहे हैं कि स्कूल, अस्पताल और मोहल्ला क्लीनिक ठीक चल रहे हैं। बिजली का बिल जीरो है और महिलाओं को बस की फ्री यात्रा भी मिल रही है। लेकिन भाजपा जानबूझकर लोगों के लिए पानी और सीवर की समस्या खड़ी कर रही है। अरविंद केजरीवाल को जेल में डालकर जानबूझकर सीवर और पानी की स्थिति खराब की जा रही है. क्योंकि उन्हें पता है कि दिल्ली का शेर और आपका भाई अरविंद केजरीवाल जेल में है। लेकिन थोड़े दिनों में वह शेर भी बाहर आने वाला है। फिर उनकी हिम्मत नहीं होगी कि वह दिल्ली के लोगों का सीवर और पानी रुकवा दें. भाजपा वाले जितनी भी साजिश कर लें, लेकिन जैसे ही अरविंद केजरीवाल बाहर आएंगे तो इन सबके होश उड़ जाएंगे।

जनता किसी के बहकावे में नहीं आई और कहा, केजरीवाल के साथ भाजपा गलत कर रही- मनीष सिसोदिया

मनीष सिसोदिया ने कहा कि मैं 17 महीने जेल में बैठकर टीवी पर देखता था कि कई बार भाजपा के समर्थन वाले चैनल लोगों को केजरीवाल के खिलाफ भड़काने की कोशिश करते थे. तब लोग जवाब देते थे कि केजरीवाल के साथ भाजपा वाले गलत कर रहे हैं, उन्होंने कोई चोरी नहीं की है। जनता उन्हें जवाब दे रही थी। मैं हर उस व्यक्ति का धन्यवाद करता हूं जिसने सच्चाई, ईमानदारी और हिम्मत से केजरीवाल का साथ दिया। आम आदमी पार्टी टूटी नहीं, बल्कि और मजबूत होकर निकली है। मैं एक छोटी सी चारदीवारी में 17 महीने बंद था। दिन में कुछ देर के लिए दरवाजे खोले जाते थे और 100 मीटर के अंदर मुझे टहलने के लिए बाहर निकाला जाता था। इन 17 महीनों में मैंने आप लोगों के बारे में सोचा। टीवी पर आप लोगों को देखकर मुझे बड़ी संतुष्टि मिली कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता कितने गुस्से में हैं और वे कितनी ईमानदारी और सच्चाई से हमारे लिए लड़ रहे हैं।

मेरा कोई एजेंडा नहीं, मैं अपने परिवार से मिलने आया हूं- मनीष सिसोदिया

मनीष सिसोदिया ने कहा कि इन 17 महीनों में मेरी पत्नी भी बीमार थी. मेरा बेटा कॉलेज में पढ़ रहा है. जब मैं बाहर आया तो मेरे साथियों ने कहा कि आप 17 महीने बाद अपने परिवार के पास आए हैं, आप 2-4 दिन के लिए अपने पत्नी और बच्चों के साथ कहीं बाहर घूमने के लिए चले जाइए.

तो मैंने कहा कि यह तो मेरा एक परिवार है, इसके अलावा मेरा बड़ा परिवार मेरा इंतजार कर रहा है. मैं सबसे पहले उनसे मिलूंगा. मैं बाहर छुट्टी मनाने नहीं गया. मेरी स्थिति उस आदमी की है जो लंबे समय तक अपने परिवार से दूर रहता है और वापस आने पर वह जल्दी से सबसे मिलना चाहता है.

मैं अपनी पत्नी और बच्चे से तो मिल लिया, लेकिन मेरा परिवार दिल्ली के लोग भी हैं, वो कार्यकर्ता भी हैं जो मेरे लिए लड़ते थे। आज मैं अपने परिवार के बीच आया हूं. मेरा आपके बीच आने का कोई एजेंडा नहीं है। मैं 17 महीने आपसे दूर रहा, इसलिए मैं अब अपने इस परिवार से मिलने आया हूं.

फूल मालाओं से हुआ सिसोदिया का भव्य स्वागत

मनीष सिसोदिया करीब शाब 6ः30 बजे त्रिनगर के ‘‘आप’’ विधायक प्रीति तोमर, पार्षदों और पार्टी कार्यकर्ताओ के साथ पदयात्रा के लिए शकरपुर की सड़कों पर उतरे। इस पदयात्रा में लोगों को भारी हुजूम उमड़ पड़ा। समर्थकों ने मनीष सिसोदिया स्वागत में जमकर आतीशबाजी की और पुष्प वर्षा और फूल मालाओं से उनका स्वागत किया।

बच्चों ने गुलाब का फूल देकर कहा, ‘‘थैंक्यू सर’’

पदयात्रा में बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हुए। बच्चों ने अपने प्रिय मनीष अंकल को गुलाब का फूल भेंट कर अपना प्यार जताया। कई छात्राओं ने उन्हें फूलों की माला पहनाईं और सरकारी स्कूल अच्छे करने के लिए उनको थैंक्यू कहा। इस दौरान बच्चों ने उनके पैर भी छूकर आशीर्वाद लिया। सिसोदिया ने उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा। इस दौरान कुछ बच्चों ने सिसोदिया को चिट्ठी दी और कइयों ने ऑटोग्राफ भी लिया।

कोविड में आर्थिक मदद के लिए ऑटो चालक ने किया धन्यवाद

मनीष सिसोदिया की पदयात्रा में ऑटो चालकों ने भी हिस्सा लिया। एक ऑटो चालक ने बताया कि कोविड के दौरान केजरीवाल सरकार ने उसे और उसके भाई को दो बार 5-5 हजार रुपए की आर्थिक मदद की थी। मैं उनका बहुत आभारी हूं और हम सब उनसे बहुत प्यार करते हैं। हम उनके जेल से बाहर आने के लिए दिन-रात दुआ करते हैं। इस पर मनीष सिसोदिया ने कहा कि केजरीवाल भी आप सबसे बहुत प्यार करते हैं। वो जेल में बैठे हैं, लेकिन हर वक्त दिल्लीवालों के बारे में सोचते रहते हैं।

लोगों ने की केजरीवाल सरकार के कामों की तारीफ

कई बुजुर्गों ने सिर पर हाथ रखकर मनीष सिसोदिया को आशीर्वाद दिया और केजरीवाल सरकार के कामों की जमकर सराहना की। सिसोदिया ने हाथ जोड़कर सभी को नमन किया और उनके प्यार और स्नेह के लिए धन्यवाद किया। मनीष सिसोदिया रिक्शावालों और दुकानदारों से मिले और उनकी समस्याएं जानी। इस दौरान कई लोग उनसे गले मिले और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाई।