नई दिल्ली :
दिल्ली के मयूर विहार फेस-3 स्थित नाले में डूबने से हुई मां-बेटे की मौत मामले में भाजपा के झूठ का आखिरकार पर्दाफाश हो गया. जांच में सामने आया है की नाला डीडीए का है. यह दावा दिल्ली पुलिस द्वारा हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में किया गया है.
गुरुवार को हुई मामले में सुनवाई में हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि डीडीए के नाले में डूबने से मां-बेटे की मौत हुई थी.
कोर्ट ने डीडीए को पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आदेश भी दिया है. हाईकोर्ट के आए आदेश के बाद आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता कुलदीप कुमार ने भाजपा और एलजी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि इस घटना से सप्ताह भर पहले ही डीडीए ने निर्माणाधीन नाले का कंप्लीशन सर्टिफिकेट दिया था.
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधायक कुलदीप कुमार और दिलीप पांडे ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में संयुक्त प्रेस वार्ता की।
कुलदीप कुमार ने कहा कि 31 जुलाई की शाम कोंडली विधानसभा के मयूर विहार फेस-3 में एक खुले नाले में गिरने से एक मासूम बच्चे और उसकी मां की मृत्यु हो गई थी.
इस दुखद घटना की सूचना पाकर तुरंत मैं मौके पर पहुंचा और परिवार के साथ खड़ा रहा. उनको अस्पताल भेजा गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. वह नाला डीडीए का है. एलजी के अधीन डीडीए के अफसरों की लापरवाही के कारण मां-बेटे की मौत हो गई.
हमने उसी समय कहा था कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि हत्या है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन एलजी और भाजपा के नेता जिम्मेदार अफसरों को बचाने के लिए न तो घटनास्थल पर गए और न ही पीड़ित परिवार से मुलाकात की। स्थानीय भाजपा के सांसद भी पीड़ित परिवार से मिलने नहीं गए।
कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा ने बिना कुछ जाने बयान जारी कर दिया कि वह एमसीडी का नाला है. इस घटना के लिए आम आदमी पार्टी और एमसीडी जिम्मेदार हैं.जिस गंदी राजनीति के लिए भाजपा जानी जाती है, उसने उसकी शुरुआत कर दी। लेकिन हमने अगले ही दिन उस घटनास्थल पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और उस परिवार के लिए इंसाफ की मांग की। उस मां-बेटे को इंसाफ और मुआवजा मिलना चाहिए, जिनकी केवल डीडीए के अधिकारियों की लापरवाही के कारण मृत्यु हो गई। लेकिन एलजी को बचाने के चक्कर में भाजपा के लोग यह भूल गए और वहां से रफा-दफा हो गए।
कुलदीप कुमार ने आगे कहा कि हमने उस समय जो बात कही थी कि नाला डीडीए का है और उसे डीडीए बनवा रहा था। इसे झुठलाने के लिए डीडीए की तरफ से कई खबरें प्लांट करवाई गईं। लेकिन गुरुवार को जब दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट देखी, तो सब दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। दिल्ली पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में डीडीए के भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। रिपोर्ट से पता चलता है कि नाला डीडीए का है, जहां वह दर्दनाक घटना घटी। पुलिस रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि डीडीए ने एक हफ्ते पहले ही बिना कोई जांच-पड़ताल किए कंप्लीशन सर्टिफिकेट दे दिया था। उसी लापरवाही की वजह से आज मां-बेटे इस दुनिया में नहीं हैं। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट निर्देश दिया है कि उस पीड़ित परिवार के लिए डीडीए उचित मुआवजे की व्यवस्था करे और यही मांग आम आदमी पार्टी भी लगातार कर रही थी।
कुलदीप कुमार ने कहा कि हम हाईकोर्ट का धन्यवाद करते हैं कि कोर्ट उस मासूम बच्चे और उसकी मां को न्याय दिलाने के लिए कदम उठाया है। एलजी साहब को अब यह गंदी राजनीति करना और उन भ्रष्ट अफसरों को बचाना छोड़ देना चाहिए, जिनकी लापरवाही की वजह से दिल्लीवालों की जान जा रही है। एलजी लगातार ऐसे अफसरों को संरक्षण देते हैं। हमें उम्मीद है कि हाई कोर्ट का यह आदेश पीड़ित परिवार के लिए सही साबित होगा और दिल्लीवालों के हित में कोर्ट की इस नई पहल से एलजी और डीडीए के अधिकारियों की नींद खुलेगी। हाई कोर्ट ने सारी सच्चाई खोलकर रख दी है। अब एलजी साहब बताएं कि वह कब उन लापरवाह अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हाई कोर्ट का यह आदेश भाजपा, उनके एलजी और डीडीए के मुंह पर तमाचा है, जो झूठ की बुनियाद पर इस मां-बेटे की मौत को दबाना चाहते थे और उन्हें इंसाफ मिलने से रोकने के लिए झूठ फैला रहे थे। लेकिन अब हमें उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा।
वहीं, आम आदमी पार्टी के विधायक दिलीप पांडे ने कहा कि उन मां-बेटे की जान तो वापस नहीं आ सकती, लेकिन हम कोर्ट के इस फैसले का सम्मान करते हैं। हमें उम्मीद है कि यह फैसला उस पीड़ित परिवार के ज़ख्मों पर मरहम का काम करेगा। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस पूरे मामले में भाजपा और एलजी ने लीपापोती करने की कोशिश की, जिससे पता चलता है कि भाजपा की राजनीति कितनी अमानवीय हो गई है। हम सब जानते हैं कि चाहे झूठ का अंधेरा कितना भी घना हो, सच के दिए की हल्की सी एक रोशनी अंधेरे को खत्म कर देती है। हाई कोर्ट के इस फैसले ने भी भाजपा के झूठ को तार-तार कर दिया। वह चाहती, तो स्वीकार कर सकती थी कि उससे गलती हुई है, लेकिन भाजपा ने अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया।
दिलीप पांडे ने कहा कि हमने इस घटना के तुरंत बाद एलजी साहब से आग्रह किया था कि वे इसमें राजनीतिक नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से हस्तक्षेप करें, पीड़ित परिवार को इसका उचित मुआवजा दें और जिन लापरवाह अधिकारियों की वजह से यह घटना हुई है, उनके खिलाफ कार्रवाई करें। इस घटना में केवल दो जानें नहीं गई हैं। वह मां सहारा थी, बच्चा उम्मीद था। उस परिवार का भविष्य था। इस हादसे में सबकुछ खत्म हो गया। कोर्ट के आदेश से जो सच बाहर आया है, हमें उम्मीद है कि एलजी दफ्तर उसी सक्रियता के साथ आर्थिक भरपाई करने के साथ-साथ इसके लिए जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगा, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही के चलते हम कोई जान न गवाएं।