नई दिल्ली :- दिल्ली के बुजुर्गों की 5 महीने से रुकी हुई पेंशन को जारी कर दिया गया है.
दिल्ली सरकार के मंत्री आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि
एक बार फिर सीएम अरविंद केजरीवाल बेटा होने का फ़र्ज़ निभाया है. सीएम अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से लड़कर दिल्ली के एक लाख बुजुर्गों को 5 महीने से रुकी उनकी पेंशन दिलवाई है. इस बाबत प्रेस कॉन्फ़्रेंस के ज़रिए साझा करते हुए वित्त मंत्री आतिशी ने कहा कि, भाजपा शासित केंद्र सरकार अपने हिस्से का फण्ड जारी न कर 5 महीनों से दिल्ली के 1 लाख बुजुर्गों का पेंशन रोक रखा था. दिल्ली के एक लाख बुजुर्ग पिछले 5 महीने से बहुत परेशान थे; बुजुर्गों का मानना था कि उनक बेटा अरविंद केजरीवाल जेल में है, इसलिए उनकी पेंशन नहीं आ रही है.
उन्होंने कहा कि, जेल में रहते हुए बुजुर्गों के प्यार और आशीर्वाद की बदौलत भाजपा की केंद्र सरकार से लड़कर अरविंद केजरीवाल जी ने एक लाख बुजुर्गों को उनकी पेंशन दिलवाई है.
वित्त मंत्री आतिशी ने साझा किया कि, दिल्ली सरकार द्वारा कल 90,000 बुजुर्गों के खाते में उनके 5 महीने की पेंशन भेजी गई, बची 10,000 पेंशन आज जारी होंगी। उन्होंने कहा कि,चाहे दिल्ली के बुजुर्गों के बेटे अरविंद केजरीवाल जी जेल में हो लेकिन वो बुजुर्गों के हक़ में लड़ना बंद नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि, केजरीवाल सरकार दिल्लीवालों के काम नहीं रुकने देगी, जिस तरह भाजपा शासित केंद्र सरकार से लड़कर बुजुर्गों को ये पेंशन दिलवाई है, उसी तरह लड़कर दिल्लीवालों के रुके हुए काम करवायेंगे.
वित्त मंत्री आतिशी ने कहा कि, दिल्ली के 4 लाख बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन मिलती है। इनमें से 1 लाख ऐसी पेंशन है, जिसका कुछ हिस्सा दिल्ली सरकार से और कुछ हिस्सा केंद्र सरकार से आता है। पिछले 5 महीनों से इन एक लाख बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिल रही थी.
उन्होंने कहा कि, इन एक लाख बुजुर्गों को पेंशन इसलिए नहीं मिल रही थी क्योंकि जिन पेंशन का हिस्सा केंद्र सरकार से आता है उसे भाजपा शासित केंद्र सरकार ने रोक रखा था। दिल्ली के बुजुर्ग बहुत परेशान थे। ये ऐसे बुजुर्ग है जो ग़रीब परिवारों से आते है, जिनके पास इस पेंशन के अलावा कोई भी आर्थिक साधन नहीं है.
वित्त मंत्री आतिशी ने साझा किया कि, “मेरे पास अक्सर ये बुजुर्ग आते थे। हमारे अलग-अलग विधायकों के पास जाते थे. दिल्ली के ये एक लाख बुजुर्ग पिछले 5 महीने से बहुत परेशान थे.इन्हें लग रहा था कि, इनकी देखरेख करने वाला इनका बेटा अरविंद केजरीवाल जेल में है, उनके लिए लड़ने वाला कोई नहीं है इसलिए उनकी पेंशन नहीं आ रही है.”
उन्होंने कहा कि, “मैं दिल्ली के इन एक लाख बुजुर्गों को बताना चाहती हूँ कि चाहे उनके बेटे अरविंद केजरीवाल जी जेल में है लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें दिल्ली के बुजुर्गों की जिन्हें वो अपना माता-पिता मानते है, उनकी चिंता लगी रहती है. पिछले कुछ महीनों में मैं जब भी उनसे मिलने गई तो उन्होंने एक चीज हर बार पूछी है कि बुजुर्गों को पेंशन मिली या नहीं? उन्होंने हर बार चिंता जताई है कि, दिल्ली के एक लाख बुजुर्ग जो उनके माता-पिता की तरह है, उन्हें पेंशन नहीं मिली है.”
वित्त मंत्री आतिशी ने कहा कि, दिल्ली के बुजुर्गों के प्यार और आशीर्वाद का नतीजा है कि, जेल में रहने के बावजूद उनके बेटे अरविंद केजरीवाल जी ने भाजपा की केंद्र सरकार से लड़कर इन एक लाख बुजुर्गों की पेंशन दिलवाई है.
उन्होंने कहा कि, “मैं इन एक लाख बुजुर्गों को बधाई देना चाहती हूँ कि, जो पेंशन अप्रैल के महीने से रुक गई थी वो अब आना शुरू हो गई है। कल से ही दिल्ली के समाज कल्याण विभाग ने इन पेंशन को बुजुर्गों के अकाउंट में भेजना शुरू कर दिया है. कल तक तक़रीबन 90 हज़ार पेंशन का ट्रांसफ़र हो चुका है बाक़ी बचे 10,000 पेंशन आज दिल्ली के बुजुर्गों के बैंक अकाउंट में भेज दिया जाएगा.
वित्त मंत्री आतिशी ने कहा कि, “मैं दिल्ली के बुजुर्गों से वादा करना चाहती हूँ कि, चाहे उनके बेटा अरविंद केजरीवाल जी जेल में हो लेकिन वो बुजुर्गों के हक़ में लड़ना बंद नहीं करेंगे.
उन्होंने कहा कि, “भाजपा का एक ही काम है, दिल्ली के लोगों को परेशान करना, उनके काम रोकना और इसी कड़ी में बुजुर्गों की पेंशन रोकी गई थी। लेकिन मैं अरविंद केजरीवाल जी, अरविंद केजरीवाल सरकार की ओर से दिल्ली के लोगों से वादा करती हूँ कि चाहे हमें कितना भी लड़ना पड़े हम दिल्ली वालों के काम करवाते रहेंगे। जिस तरह से भाजपा के केंद्र सरकार से लड़कर हमने बुजुर्गों को ये पेंशन दिलवाई है, उसी तरह लड़कर दिल्लीवालों के रुके हुए काम करवायेंगे.
5 महीने से रुकी थी 1 लाख बुजुर्गों की पेंशन
बता दे कि दिल्ली के एक लाख बुजुर्गों की पेंशन अप्रैल महीने से ही रुकी हुई थी। इस पेंशन के एक बड़े हिस्से के रूप में प्रति पेंशनर 2200 रुपये दिल्ली सरकार और 300 रुपये केंद्र सरकार देती है.लेकिन पिछले 5 महीनों से केंद्र सरकार ये हिस्सा नहीं दे रही थी और पेंशन के नियमों की वजह से जबतक केंद्र सरकार से उनका हिस्सा नहीं मिल जाता तबतक पेंशन जारी नहीं किया जा सकता है। केंद्र सरकार द्वारा अपने हिस्से का फण्ड न देने की वजह से दिल्ली के एक लाख बुजुर्गों को 5 महीने तक अपनी पेंशन का इंतज़ार करना पड़ा था.