दिल्ली में बाढ़ का खतरा :- वार्निंग लेवल के करीब पहुंचा यमुना का जलस्तर

News Sewa Desk

नई दिल्ली :- राजधानी दिल्ली में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बनने लगा है. दिल्ली में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. पुराने लोहे के पुल के पास यमुना का जलस्तर वार्निंग लेवल के नजदीक पहुंच चुका है.

यमुना में बढ़ते जल स्तर के चलते दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के मंत्री सौरभ भारद्वाज जी ने सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों संग यमुना की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया.

निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय डीएम और एसडीएम भी मौके पर मौजूद रहे. इस मौके पर मौजूद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया कि अभी यमुना मे जल स्तर 204.35 पर है, जो की वार्निंग लेवल के लगभग आसपास है.उन्होंने बताया कि अभी किसी प्रकार के खतरे की कोई आशंका नहीं है.

मंत्री सौरभ भारद्वाज ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि हथिनी कुंड बैराज की ओर से लगभग 13000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसकी वजह से दिल्ली में यमुना में जल स्तर बढ़ने की आशंका है. इसी संदर्भ में आज मंत्री सौरभ भारद्वाज यमुना में जल स्तर का और वर्तमान स्थिति का जायजा लेने पहुंचे.

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान उनके साथ सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के आला अधिकारी, राजस्व विभाग के आला अधिकारी एवं क्षेत्र के डीएम और एसडीएम भी मौजूद रहे. उन्होंने बताया कि सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा सभी पर्याप्त इंतजाम कर लिए गए हैं.पानी की बोट, मुनादी का सामान तथा अन्य बाकी सभी जरूरी इंतजाम दुरुस्त कर लिए गए हैं.उन्होंने बताया की फिलहाल अभी किसी प्रकार के खतरे की कोई बात नहीं है, अभी सभी परिस्थितियों नियंत्रण में है.

मंत्री सौरभ भारद्वाज ने पत्रकारों को बताया कि यमुना के किनारे रहने वाले लोगों को यमुना से दूर रहने एवं एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि अक्सर ऐसा देखा जाता है, कि जलस्तर बढ़ने पर यमुना के आसपास रहने वाले लोगों के बच्चे पानी में नहाने और मौज मस्ती करने आ जाते हैं, जिसके कारण अक्सर हादसे हो जाते हैं. इस प्रकार के हादसों से बचने के लिए लोगों को निर्देश जारी किए गए हैं, कि वह यमुना से दूर रहें और इतिहास बरते. उन्होंने बताया हालांकि अभी यमुना के आसपास के क्षेत्र में किसी प्रकार के कोई खतरे की बात नहीं है, क्योंकि पानी अभी वार्निंग लेवल के स्तर तक भी नहीं पहुंचा है, परंतु फिर भी किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए एहतियात बरतना बेहद जरूरी है.

मंत्री सौरभ भारद्वाज ने यमुना में जल स्तर की वर्तमान स्थिति की जानकारी पत्रकारों के साथ साझा करते हुए बताया, कि अभी यमुना स्थित ओल्ड रेलवे ब्रिज पर पानी का स्तर 204.35 मापा गया है, जो कि वार्निंग लेवल के लगभग नजदीक है, परंतु अभी वार्निंग लेवल तक पहुंचा नहीं है.उन्होंने कहा कि हथिनी कुंड बैराज की ओर से लगभग 13000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, तो हमें ऐसी उम्मीद है, कि जल्द ही यह स्तर वार्निंग लेवल तक पहुंच सकता है I इसी के चलते आज यह दौरा किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के सभी पुख्ता इंतजाम दुरुस्त कर लिए जाएं I मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया कि दौरा करने के पश्चात जो स्थिति निकलकर सामने आई है, उसके मुताबिक विभाग के द्वारा सभी उपयुक्त इंतजाम कर लिए गए हैं और अभी किसी भी प्रकार से घबराने की कोई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि अभी सभी परिस्थितियां नियंत्रण में है.

यमुना में बाढ़ की स्थिति को रोकने के लिए सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा पूर्व में उठाए गए कुछ महत्वपूर्ण कदम की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया, कि विभाग के द्वारा मानसून आने से पहले ही यमुना के बीच-बीच में बने मिट्टी के टापू के बीच में पायलट कट लगाए गए थे, जो कि इस बार मानसून आने पर बेहद ही कारगर सिद्ध हुए हैं I उन्होंने बताया इन टापू के बीच में बनाए गए पायलट कट के माध्यम से पानी आसानी से बेहतर निकल रहा है और साथ ही साथ जो टापू सालों से धीरे-धीरे जम रही मिट्टी के कारण बन गए थे, जो कि पानी यमुना से बाहर निकल जाने का एक बड़ा कारण होते थे, वह सभी टापू भी पानी के बहाव के साथ बेहकर निकल गए I वर्तमान स्थिति में यमुना का पानी आसानी से बेहकर आगे निकल जा रहा है I उन्होंने कहा की वर्तमान में जो स्थिति है उसको देखकर हम यह उम्मीद कर सकते हैं, कि यदि यमुना में पानी का स्तर बढ़ा भी तो यमुना के आसपास के क्षेत्र में इस बार पानी भरने की समस्या नहीं होगी I

बढ़ते जल स्तर को लेकर यमुना के किनारे बसे लोगों के संबंध में एक महत्वपूर्ण जानकारी पत्रकारों के साथ साझा करते हुए मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, कि जब कभी जमुना में जलस्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है या खतरे के निशान से ऊपर चला जाता है तो यमुना के आसपास के क्षेत्र में बसे लोगों को विस्थापन कर उन्हें ऊपरी हिस्सों में शिफ्ट कर दिया जाता है I सरकार द्वारा उनके लिए रहने खाने और दवाइयां के सभी इंतजाम किए जाते हैं I उन्होंने कहा परंतु अभी यमुना में इस प्रकार की कोई स्थिति बनती नजर नहीं आ रही की यमुना के किनारे रहने वाले लोगों को शिफ्ट किया जाए, परंतु यदि इस प्रकार की कोई स्थिति बनती भी है, तो विभाग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं I